सेलिब्रिटी होने के कारण मै अपने पढ़ाई और लिखाई से दूर होने लगा था, मेरे जीवन का सबसे बुरा समय KBC जितने के बाद शुरू हुआ : सुशिल कुमार - BuzzingNews 24/7

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Tuesday, September 15, 2020

सेलिब्रिटी होने के कारण मै अपने पढ़ाई और लिखाई से दूर होने लगा था, मेरे जीवन का सबसे बुरा समय KBC जितने के बाद शुरू हुआ : सुशिल कुमार


सुशिल कुमार: KBC ५ जितने के बाद की तसवीर   

 

पैसा और शोहरत दोनों इंसान को कभी बुलंदियाँ तो कभी जमीन पर ले आती है। इसी बात का उदाहरण सुशिल कुमार के जीवन से सिखने को मिलता है. 

बिहार के चंपारंग गाँव के निवासी सुशिल कुमार ने, उनके जीवन में लोकप्रिय क्विज गेम " कौन बनेगा करोड़पति " जितने के बाद उन्हें किन किन परेशानियों का सामना करना पड़ा इसको साँझा करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म  'फेसबुक' पर एक पोस्ट डाली. सुशिल कुमार KBC ५ के विजेता थे और उन्होंने कुल ५ करोड़ रूपए जीते थे.

इस पोस्ट में उन्होंने उनके जीवन में घटे अनेक बातो का जिक्र करते हुए ये बताया की कैसे KBC से करोड़पति बनने के बाद उनके जीवन का सबसे बुरा समय सुरु हुआ. सुशिल लिखते है की पैसा आने के बाद वह एक सेलिब्रिटी बन चुके थे हर समय लोगो के कॉल आते थे. महीने में १५ दिन तो वह घर से बहार रहते क्यूंकि उन्हें अनेक जगहों पर अतिथि के रूप पे बुलाया जाता. इसके साथ ही वो अपने पढ़ाई और लिखाई से दूर होने लगे थे. 

 उनके घर पर हमेशा मीडिया रिपोर्टर्स का ताता लगा रहता था. पत्रकार हमेशा पूछते की आप पैसे का क्या कर रहे है तो कई बार सुशिल उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाते. पत्रकरो के सवालो के जवाब दे पाए इस लिए सुशिल ने कई बिज़्नेस किये लेकिन सबमे घाटा हुआ.  

सुशिल कुमार अपने फेसबुक पोस्ट में आगे लिखते है की पैसा आने के बाद वो समझ ही नहीं पा रहे थे की उन्हें क्या करना है. कई बिज़नेस में विफल होने के बाद वो दानवीर बन गए और महीने में ५० हज़ार तक गुप्त दान करने लगे थे लेकिन इसमें भी कई बार लोगो ने सुशिल को ठगा. 

सुसील की ऐसी हालत देख उनकी पत्नी ने उन्हें बहुत समझाया की आपको न आज की फ़िक्र है और नहीं भविष्य की. लेकिन इस बात पर सुशिल ने कभी ध्यान नहीं दिया और अक्सर  पति पत्नी में झगडे होते. आगे सुशिल बताते है की कुछ अच्छी बाते भी हुई जैसे वो कुछ समय बाद दिल्ली वे अपने मित्र के साथ मिलकर कार चलवाने लगे जिसके चलते उन्हें बहोत से नए लोगो से मिलने का मौका मिला. 

लेकिन इसके साथ ही उन्हें दारू और सिग्रेट का चस्का लग गया. इसके बाद वो अधिक तर समय फिल्मे देखने में बिताने लगे जिससे वो अपने यहाँ एक सिनेमा डाउनलोड करने वाले के यहाँ से ५ और १० रुपये में डाउनलोड करा लाते.  

उनके जीवन में कंगाली की खबर कैसे आई इसको बताते हुए सुशिल लिखते है की ये थोड़ा फ़िल्मी लगेगा. वो प्यासा फिल्म देख रहे थे और पिक्चर का क्लाइमेक्स चल रहा था जिसमें माला सिन्हा से गुरुदत्त साहब कर रहे हैं कि मैं वो विजय नही हूँ वो विजय मर चुका है. 

इसके बाद अपने जीवन को विस्तार में बताते हुए सुशिल लिखते है की उनका उनके पत्नी से झगड़ा होना उसी वक़्त एक पत्रकार का कॉल आना सुशिल का परेशान हो कर उस पत्रकार को मैं कंगाल हो चूका हु और दो बैल खरीद लिया है उसी से गुजारा हो रहा है ऐसा कहना फिर उस खबर का असर होना सबका सुशिल से सबका दूर होना इन सभी बातो को सुशिल ने अपने पोस्ट में बताया है. 

फेसबुक पोस्ट में आगे लिखते हुए सुशिल बताते है की सिनेमा का शौक होने के कारन फ़िल्म निर्देशक बनने का उन्होंने निश्चित किया उसके बाद उनके पत्नी  से उनका फिर झगडा होना पत्नी से बात डाइवोर्स तक जाना पत्नी का माइके जाना उसके बाद सुशिल का ये अनुभव करना की यहाँ रहने से कुछ नहीं होगा बहार जाना होगा और फिर उनका नए परिचय के साथ मुंबई आना फ़िल्म निर्देशक बनने का सपना ले कर यह सब उन्होंने विस्तार में बताया. 

लेकिन मुंबई आने के बाद भी बात नहीं बानी कुछ दिन फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के बाद सुशिल को इस बात का एहसास हुआ और वह लिखते है की वो एक भगोड़े है जो सच्चाई से भाग रहे है, असली खुसी मन का काम करने में है. वह लिखते है की घमंड को कभी शांत नही किया जा सकता, बड़े होने से हज़ार गुना ठीक है अच्छा इंसान होना. 

इसके बाद भी वो तीन महीने मुंबई में रहकर ३ कहानिया लिखी जिसके लिए उन्हें २० हजार रूपए मिले. लेकिन उनका मन उसमे भी नहीं लगा और फिर वो अपने गाँव लोट गए. वहां सुशिल ने टीचर बनने की पढ़ाई की और पास भी हो गए। अब वो पर्यावरण से सम्बंदित काम करते है और लोगो को भी पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित करते है. अंत में वो लिखते है की इंसान को उतना ही कमाना चाइये जितनी उसकी जरूरते हो. 



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